Tuesday, 29 April 2025

Pahalgam attack 2025

 अल्लाह मेहरबान तो गधा (पहलगाम)”

1. पहाड़ों में गधों का आतंक और धर्म का धंधा

पहाड़ों में पाकिस्तानी गधा सबसे ज्यादा उपयोगी रहा है।

यह एक ही नाम का जाप करता है — ढेंचू-ढेंचू, इसलिए गधा है।

जो लोग धर्म के नाम पर धंधा करते हैं, वे भी गधा और अधा हैं।

इसे कौन समझाए? सब मानव हैं।

न तेरा, न मेरा — जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु भी निश्चित है।

तुम राग-द्वेष से भरे, मुर्छित हत्यारे गधे हो!

2. पाकिस्तान = पापिस्तान

पाकिस्तान यानी पापिस्तान —

खाली मन शैतान का घर बन जाता है।

पर्दे के पीछे छुपकर मुँह काला करते हैं।

बुर्का पहनकर मुँह छुपाते हैं, लेकिन माँ-बहनों और बेटियों के साथ शोषण, व्यभिचार, पाप कर्म, और हत्या करते हैं। स्त्रियों को ‘वस्तु’ समझते हैं। ऐसे हैं पापिस्तानी

3. राजनीति और धर्म का नाटक

राजनीति क्या है?

सत्ता का पंखुड़ी खेल, राजनीति हैं— एक दिखावा मात्र।

माथे पर मोटे-मोटे चुना (तिलक) का लेप लगाकर

जनता को चूना लगाना ही आज का “धर्म” है।

भारत में “जय श्रीराम” का नारा और विदेशों में “बुद्ध” की बातें करते हैं।

यह सब सत्ता के लिए खेला जाता है।

4. जनता की स्थिति

90% जनता — कुछ नहीं जानती हैं।

8% जनता — जानती है कि “मोदी है तो नमकीन है।“

2% अधिकारी जनता — जानती है कि “मोदी है तो मोदक है।“

5. कूटनीति और धार्मिक व्यापार

कूटनीति = फूट डालो, शासन करो।

धर्म के नाम पर धंधा करो।

भगवान का डर दिखाकर अपना काम बनाओ।

जनता भाड़ में जाए,

पाखंडी, कुंभ में जाकर गंगा नहाए गा,

लेकिन जब मन चंगा हो जाएगा तो कठौती में भी गंगा दिखेगी!

6. समस्या का समाधान और सच्चाई

90% लोग फ्री एजुकेशन और नौकरी चाहते हैं,

लेकिन सरकार ऐसा करेगी तो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना जैसा है सरकार जानती हैं

अगर जनता जागरूक हो गई तो जान जाएगी —

कितनी (100) चूहियाँ खाकर ? बिल्ली चली हज को!

अंत में:

धन्यवाद।

आप सभी का मंगल हो।


Wednesday, 16 April 2025

Rich Dad Poor Dad” – Global Awareness Masterpiece

 Rich Dad Poor Dad” – Global Awareness Masterpiece

– सोच बदलो, जीवन बदल जाएगा –

(Not just to become rich, but to become free and wise)

1. मूल सन्देश (Core Message):

 “पैसे के पीछे मत भागो, पैसे को तुम्हारे पीछे भागने दो।”

“Don’t run after money, make money run after you.”

अमीर और गरीब की असली लड़ाई धन की नहीं, सोच की होती है।

 The real battle between rich and poor is not about money, it’s about mindset.

2. 7 रत्न (The 7 Golden Lessons):

1. अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, पैसा उनके लिए काम करता है।

 Rich people don’t work for money, money works for them.

सीखें / Learn: Investment, Asset-building, Cash flow

लागू करें / Apply: Create new income sources monthly (SIP, digital products, rental, shares)

**2. वित्तीय शिक्षा असली शिक्षा है।

Financial education is real education.**

स्कूल आपको नौकरी देता है, यह किताब आपको स्वतंत्रता देती है।

 Schools give you jobs, but this book gives you freedom.

सीखें / Learn: Tax, Investment, Savings, Expense, Debt Management

**3. एसेट और लायबिलिटी में फर्क समझो।

Understand the difference between Assets and Liabilities.**

Asset = जो पैसा लाए / that brings in money

Liability = जो पैसा ले जाए / that takes away money

 कार, EMI, महंगे गैजेट्स = Liability

Real estate, Stocks, IP Rights = Assets

**4. डर और लालच पर काबू पाओ।

Control Fear and Greed.**

 Fear makes you a job slave.

Greed can destroy your future.

Emotional intelligence (EQ) is vital for wealth.

**5. खुद का बिज़नेस शुरू करो – छोटा ही सही।

Start your own business – even small.**

 Freelancing, Digital Products, YouTube, Online Store

Side hustle → Financial Freedom

**6. पैसों की बात करना शर्म नहीं, समझदारी है।

Talking about money is not taboo, it’s smart.**

 Discuss finance openly with family and friends.

Build a financially aware community.

**7. सीखते रहो, बढ़ते रहो।

Keep learning, keep growing.**

 Rich people keep learning – from books, courses, and experiences.

Read one financial book every month.

3. उदाहरण जो दुनिया बदल दे (World-Class Examples):

 Elon Musk, Warren Buffet, Steve Jobs –

उन्होंने पैसे को साधन, सोच को हथियार और सीखने को रास्ता बनाया।

They succeeded not through degrees, but through self-education.

4. साक्ष्य (Global Evidence):

80% करोड़पति सेल्फ मेड होते हैं। / 80% millionaires are self-made.

OECD Report: Financial literacy improves life quality, health, peace.

World Bank: Poor thinking leads to generational poverty.

5. 4Q Power Integration (बुद्धि की चौगुनी शक्ति):

IQ (बुद्धिमत्ता): रणनीति और निवेश / Strategy and Investment

EQ (भावनात्मक बुद्धि): डर और लालच पर नियंत्रण / Control over fear & greed

FQ (वित्तीय बुद्धि): पैसों की समझ / Financial sense

SQ (आध्यात्मिक बुद्धि): पैसे को साधन समझो / Money is a tool, not a goal

6. Global Action Plan – “Money Warrior Path”:

Step 1: खर्च पर नज़र रखें / Track your expenses

Step 2: हर महीने 20–30% निवेश करें / Invest 20–30% monthly

Step 3: पढ़ना शुरू करें – “The Intelligent Investor”, “Cashflow Quadrant”

Step 4: नया स्किल सीखें – AI, Design, Freelancing

Step 5: EMI से दूर रहें, एसेट्स बनाएं / Avoid EMI, build assets

Step 6: पैसे को समय और ऊर्जा की तरह समझें / Treat money like time & energy

Step 7: परिवार को वित्तीय रूप से शिक्षित बनाएं / Teach your family financial literacy

7. नतीजा (Final Outcome):

 एक स्वतंत्र सोच वाला व्यक्ति, जो पैसे का मालिक है – गुलाम नहीं।

A free-minded person who owns money, not the other way around.

वह अपनी मर्ज़ी से काम करता है / Works on own terms

समय, पैसा और ऊर्जा का स्वामी होता है / Controls time, money & energy

और दूसरों को भी सशक्त बनाता है / Empowers others too

The Intelligent Investor – A Top-of-the-World Roadmap


(Invest with Vision; Build Lasting Wealth)


1. Overview / अवलोकन


“The Intelligent Investor” is the ultimate blueprint for value investing. It challenges you to use reason, patience, and discipline to capture true market opportunities instead of chasing fleeting trends.

"द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर" वैल्यू इन्वेस्टिंग का सर्वोत्तम रोडमैप है। यह आपको कहता है कि तात्कालिक रुझानों के पीछे भागने के बजाय, तर्क, धैर्य और अनुशासन के साथ वास्तविक बाजार अवसरों को अपनाएं.


The core message is not to follow the crowd, but to understand the intrinsic value and let your money work for you.

यहां मुख्य संदेश है – भीड़ का अनुसरण मत करें, बल्कि मौलिक मूल्य को समझें और अपने पैसे को आपके लिए काम करने दें.



2. Step-by-Step Blueprint / चरण दर चरण नक्षा


Step 1: Investing vs. Speculating

Investing means analyzing fundamentals and purchasing at prices below intrinsic value for long-term gains, whereas speculating relies on market hunches or rumors without deep analysis.

निवेश का मतलब है मूलभूत विश्लेषण करके, मौलिक मूल्य से कम कीमत पर खरीदना ताकि दीर्घकालिक लाभ हो सके, जबकि अटकलें करने का मतलब है बिना गहरी समझ के, अफवाहों या रुझानों पर आधारित सौदे करना.


For example, buying shares of a stable company after careful research reflects investing, while buying on a rumor reflects speculating.

उदाहरण के तौर पर, सावधानीपूर्वक शोध के बाद किसी स्थिर कंपनी के शेयर खरीदना निवेश है, जबकि अफवाह पर खरीदना अटकलों जैसा है.



Step 2: The Power of “Margin of Safety”

This term refers to the gap between a stock’s intrinsic value and its current market price, providing a built-in cushion against errors and volatility. Modern investors always seek that safety buffer to protect against unexpected market movements.

यह शब्द उस अंतर को दर्शाता है जो किसी शेयर के मौलिक मूल्य और वर्तमान बाजार मूल्य के बीच होता है, जो त्रुटियों और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करता है. आधुनिक निवेशक अनपेक्षित बाजार हालात से बचने के लिए सुरक्षा का यह अंतर हमेशा खोजते हैं.


Historical evidence, including the successes of figures like Warren Buffett, supports buying undervalued stocks to achieve compounding returns over time.

ऐतिहासिक साक्ष्य, जैसे वॉरेन बफेट की सफलता, यह साबित करते हैं कि कम मूल्य पर शेयर खरीदने से समय के साथ चक्रवृद्धि लाभ मिलता है.



Step 3: Identify Your Investor Profile

Defensive investors prefer safety and simplicity, accepting moderate returns, whereas enterprising investors perform in-depth research to find undervalued opportunities.

रक्षात्मक निवेशक सुरक्षा और सरलता को प्राथमिकता देते हैं और औसत बाजार रिटर्न स्वीकार करते हैं, जबकि उद्यमी निवेशक गहन शोध करके कम मूल्यांकन वाले अवसरों की तलाश करते हैं.


Knowing your investor profile is akin to designing your financial DNA, tailoring both risk and reward to your personal goals.

अपने निवेशक प्रोफ़ाइल को समझना आपके वित्तीय गुणसूत्र को तैयार करने जैसा है, जिससे जोखिम और रिटर्न दोनों आपके व्यक्तिगत लक्ष्यों के अनुसार अनुकूलित होते हैं.



Step 4: Embrace “Mr. Market”

The metaphor “Mr. Market” personifies market fluctuations driven by emotion. Instead of reacting impulsively to daily noise, intelligent investors base their decisions on careful analysis and sound valuations.

“Mr. Market” एक रूपक है जो भावनाओं से प्रेरित बाजार के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है. रोज़ाना के शोर पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के बजाय, बुद्धिमान निवेशक अपने निर्णय गहन विश्लेषण और ठोस मूल्यांकन पर आधारित करते हैं.


When markets are noisy, focusing on disciplined valuations helps to avoid impulsive decisions.

जब बाजार में शोर होता है, तो अनुशासित मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करने से जल्दबाज़ी से बचा जा सकता है.



Step 5: Craft a Balanced Portfolio

A balanced mix of bonds and equities is essential. Bonds provide stability and regular income, while equities offer growth potential when selected based on intrinsic qualities.

बॉन्ड और इक्विटीज का संतुलित मिश्रण आवश्यक है. बॉन्ड्स स्थिरता और नियमित आय प्रदान करते हैं, जबकि मौलिक गुणों के आधार पर चुनी जाने वाली इक्विटीज विकास की संभावना रखती हैं.


Think of a diversified portfolio as your financial fortress that weathers market storms gracefully.

एक विविध पोर्टफोलियो को ऐसे सोचें जैसे आपका वित्तीय किला जो बाजार की चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करता है.



Step 6: Think Long-Term

A long-term vision is crucial; avoid reactive decisions based on short-term market changes. Let the power of compound interest and careful planning drive exponential growth.

दीर्घकालिक दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण है; तात्कालिक बाजार परिवर्तनों के आधार पर जल्दबाज़ी में निर्णय न लें. चक्रवृद्धि ब्याज और सुनियोजित निवेश से वृद्धि सुनिश्चित होती है.


Regular review and adaptation of your strategy ensure that you incorporate new market insights without losing sight of your long-term goals.

नियमित समीक्षा और रणनीति में बदलाव से आप नए बाजार दृष्टिकोण को अपना सकते हैं और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर कायम रह सकते हैं.



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Step 7: Commit to Continuous Learning

Success lies in active research. Dive deep into financial reports, market trends, and use modern tools like data analytics and online platforms to refine your strategy.

सफलता सक्रिय शोध में निहित है. वित्तीय रिपोर्ट, बाजार रुझानों में गहराई से उतरें और डेटा एनालिटिक्स तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके अपनी रणनीति को बेहतर बनाएं.


The willingness to learn continuously is what transforms short-term fluctuations into long-term wealth.

निरंतर सीखने की तत्परता वही है जो तात्कालिक उतार-चढ़ाव को दीर्घकालिक धन में परिवर्तित करती है.



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3. 7 Wh’s Framework / 7 सवालों का आधुनिक फ्रेमवर्क


Ask yourself these seven essential questions: What is the asset under consideration and its true intrinsic value? Who are the key players, such as management and competitors? When is the optimal time to invest, considering market cycles? Where does this asset fit within your overall, diversified portfolio? Why does this asset present a compelling investment opportunity? Which valuation methods, such as the P/E ratio or dividend yield, best measure its potential? Finally, how will you execute your strategy—through methods like lump-sum investing or dollar-cost averaging?

इन सात महत्वपूर्ण सवालों से स्वयं से पूछें: आप जिस संपत्ति पर विचार कर रहे हैं, उसका वास्तविक मौलिक मूल्य क्या है? महत्वपूर्ण खिलाड़ी कौन हैं, जैसे प्रबंधन और प्रतियोगी? बाजार चक्रों को ध्यान में रखते हुए निवेश का सर्वोत्तम समय कब है? यह संपत्ति आपके विविध पोर्टफोलियो में कहाँ फिट बैठती है? इस संपत्ति में निवेश करने का स्पष्ट कारण क्या है? मूल्यांकन के कौन से तरीके – जैसे P/E अनुपात या डिविडेंड यील्ड – इसके संभावित लाभ को मापते हैं? अंत में, अपनी रणनीति को आप किस प्रकार लागू करेंगे—एकमुश्त निवेश, डॉलर-कॉस्ट एवरेजिंग या अन्य किसी विधि से?



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4. The 4Q Analysis / 4Q विश्लेषण


Build your investing mindset by developing four key areas:


Intellectual or Investment Intelligence (IQ) involves analytical skills to assess financial statements and market conditions.

भावनात्मक बुद्धि (EQ) means managing emotions like fear and greed to remain calm during market volatility.

Financial Intelligence (FQ) is about understanding concepts such as the margin of safety, compounding, and diversification deeply.

Spiritual or Sensibility Quotient (SQ) means investing with ethics and purpose, aligning your financial choices with your core values.


इन चार आयामों के विकास से आप एक मजबूत निवेशक मनोवृत्ति तैयार कर सकते हैं.



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5. Real-World Example / वास्तविक उदाहरण


Consider the modern investor Alex. He uses rigorous analysis to separate genuine opportunities from mere market noise. By applying the margin of safety principle, he purchases stocks at prices below their intrinsic value during downturns. With a diversified portfolio of blue-chip stocks and quality bonds, he remains calm through market volatility and rebalances strategically. Through continuous learning and the use of modern analytic tools, Alex transforms short-term fluctuations into long-term wealth.

आधुनिक निवेशक Alex की कल्पना करें. वह गहन विश्लेषण से असली निवेश अवसरों को बाजार के शोर से अलग करता है. सुरक्षा की पंक्ति के सिद्धांत को अपनाकर, वह मंदी के दौरान मौलिक मूल्य से कम पर स्टॉक्स खरीदता है. ब्लू-चिप स्टॉक्स और उच्च गुणवत्ता वाले बॉन्ड्स के विविध पोर्टफोलियो के साथ, वह बाजार उतार-चढ़ाव के बीच शांत रहता है और रणनीतिक रूप से संतुलन पुनः स्थापित करता है. निरंतर सीखने और आधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग से, Alex तात्कालिक उतार-चढ़ाव को दीर्घकालिक धन में परिवर्तित कर देता है.


Historical evidence and the success of investors like Warren Buffett demonstrate that these principles lead to sustainable wealth.

ऐतिहासिक साक्ष्य और वॉरेन बफेट जैसे निवेशकों की सफलता से यह सिद्ध होता है कि ये सिद्धांत स्थायी संपत्ति की ओर ले जाते हैं.



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6. Final Outcome / अंतिम परिणाम


By integrating these steps, asking the 7 essential questions, and applying a holistic 4Q analysis, you develop a disciplined strategy that minimizes risk and maximizes the potential for long-term gains. The Intelligent Investor transforms market challenges into opportunities by combining analytical rigor, emotional balance, financial savvy, and ethical clarity.

इन चरणों को अपनाकर, सात महत्वपूर्ण सवाल पूछकर और समग्र 4Q विश्लेषण को लागू करके, आप एक ऐसी अनुशासित रणनीति विकसित करते हैं जो जोखिम कम करती है और दीर्घकालिक लाभ की संभावनाओं को अधिकतम करती है.

"द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर" विश्लेषणात्मक कठोरता, भावनात्मक संतुलन, वित्तीय समझ और नैतिक स्पष्टता का समावेश कर बाजार की चुनौतियों को अवसरों में बदल देता है.


By Vimal noble 

Tuesday, 15 April 2025

DR B R Ambedkar, 134th Birthday. At G P Ranchi

 डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती भाषण (14 अप्रैल के अवसर पर)

सम्माननीय मंच पर उपस्थितअतिथि, आदरणीय शिक्षकगण, उपस्थित महानुभावों और मेरे प्रिय साथियों,

आज का दिन केवल एक जन्मदिन नहीं है, यह उस सूर्य की 134th वर्षगांठ है जिसने अंधकार में डूबे समाज को ईलाज किया, ज्ञान, समानता और न्याय का प्रकाश दिया। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हम भारत रत्न, संविधान निर्माता, न्याय योद्धा और समाज सुधारक डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी की जयंती मना रहे हैं।

Introduction.:- My Name is Vimal noble, B tech ME , BA, MA, English, DME,DWM, DNDE, Worked as je in hec, Social Audit and Accountability in Jh,UK, AE in RML Group, Now I am ITI instructor at #bag. Ambition is VRI Meditation Centre in jh. For service the Nation, Protection of Nature, and Education for the people.

1. प्रारंभिक जीवन – संघर्ष की नींव

डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को MP के महू नामक गांव स्थान पर हुआ। वह एक दलित परिवार से थे, जहाँ छुआछूत, भेदभाव और अपमान एक सामान्य बात थी। लेकिन उन्होंने इन बंदिशों को स्वीकार नहीं किया – उन्होंने ज्ञान को हथियार बनाया और समाज को जागृत करने का संकल्प लिया।

2. शिक्षा – परिवर्तन की चाबी , way of Hostel (ध्यान भंग ना करें) संगति अच्छी होनी चाहिए, Engineering education is only way of Bread and Butter (job) बुद्ध के मार्ग में इसका कोई महत्व नहीं है there is only equality.

उनकी शिक्षा भारत और विदेशों में हुई कोलंबिया यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं। वे भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अछूत होते हुए भी इतनी ऊंची शिक्षा प्राप्त की।

3. सामाजिक आंदोलन – हक की लड़ाई उन्होंने छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई।

1 महाड़ सत्याग्रह,

2 चावदार तालाब आंदोलन,

3 temple entry movements से उन्होंने समान अधिकार की अलख जगाई।

उन्होंने दलितों को “शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो” का मंत्र दिया।

सेवा और दान

4. संविधान निर्माण – न्याय का स्तंभ

स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने ऐसे संविधान का निर्माण किया जो सभी नागरिकों को समानता,..भेद भाव, नौकरी बेरोजगार में, स्वतंत्रता,… और बंधुत्व… का अधिकार देता है।

He is Real Dr. Of Society, का ईलाज किया, कहा था – "हमारा संविधान केवल कानून नहीं, एक सामाजिक दस्तावेज है।"

लक्ष्य:- योगी (भोजन-1 time, सोना-1 प्रहार =3hr)

                भोगी ( “ 2 time, “ 2 “ =6hr)

       रोगी ( “ 3 time, “ 3 “ =9hr)

तथागत (वचन - कर्म से एक होना, पहला पग से अंतिम पग तक सही रास्ता तय करना है) लक्ष्य तक पहुंचने के लिए दिशा और दशा एक होना चाहिए, देश, कल, समय अंकुल होना चाहिए। By the art of war: chanakya niti by Xin zu, : chanakya .

• Why ? बौद्ध धर्म सनातन हैं, (as it indusvelly to yet) logical & reganebl है, शुद्ध है, सुक्ष्म हैं सरल है, as it is तथागत हैं, हाथी के दांत नहीं हैं। इसमें cristal clear किया गया की किसी ( कोई साधु बाबा, book ) के कहने से मत मनो बुद्धि, विवेक, अनुभूति की कसौटी पर कस कर देखो जब खारा उतरे तब जानो लो की अंदर बाहर सबके लिए कल्याणकारी है, जब जान ही लोगे तो मानने की बात स्वतः समाप्त हो जायेगा। Gayan Marg, & abhays ka Marg, पर चलेंगे तो आपका हैं eg अंगुलिमाल हिंसक भी अहिंसक हो गया हैं। “you have to Look as it is, to be Remain in equanimity, only exist Law of nature, flow by Teachers students advance tradition” गुरु - शिष्या परंपरा हैं।

( मुझे किसी व्यक्ति विशेष, जाती, धर्म से राग द्वेष नहीं है, हिन्दू जनव धारी ब्राह्मणवादी पाखंडवादी ( हाथी की दांत) व्यवस्था, से बहुत नुकसान किया, बौद्ध sc,st,obc को प्रत्यक्ष की प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, हिन्दू पन्य ,जैन पन्य मुस्लिम, शिक्ख, ईसाई.. कि बात नहीं है। केवल सत्य बोलूंगा because I know that सत्य मेवा जयते है )

• देखो दर्पण, करो पिंड दान तर्पण, story king parsanjee….हाथ कंगन तो अर्शी क्या, क्या उर्दू, क्या फर्शी ।

Q बुद्ध की बुद्धि से किस को दिक्कत हुआ और क्यों हुआ? और जिसको हुआ ओ बुद्धू लोग ने क्या किया, भारत वर्षे, आर्यखंडे ॐ नमः बुद्ध धम्म स्वाहा। ऐ उनके धंधा है, धंधा चौपट ना हो इसलिए ऐसा किया, Zero investment. या one time investment = Ganaret infinite ELSS Fund हैं। VIP facility, site Reserved….

(Resarvation In constitution धर्म निरपेक्ष, जाति आधारित है, art & culture is a eographical tradition system है)

• बौद्ध धर्म is heterodox, Doesn’t exist that is No god No stachu, No warship, No aatma, No imagination – images and pictures is a Disturbing element, Nathing need to get the knowledge in Right patha. ऐ सब बुद्ध (ज्ञान) मार्ग का बाधा है।

Puja Means आदर - सम्मान :- मूर्ख की पूजा केवल अपने घर में होती है, मुखिया की अपने गाँव में, राजा की अपने राज्य में और विद्वान की हर जगह पूजा होती है। यह चाणक्य नीति का तीसरे अध्याय का 21वां श्लोक है जो ज्ञान की महिमा और मूर्खता के महत्व को दर्शाता है।

श्लोक: “स्वगृहे पूज्यते मूर्खः स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः | स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान्सर्वत्र पूज्यते ||”

; इसलिए विदेशों में PM, अपनी पहचान बताते हैं । हम बुद्ध के धरती से आए हैं। और भारत में आकार मोटे मोटे माथे पर लेप लगा के लोगों को चूना लगा रहे है फूट डालो शासन करो, पाखंडी नीती की राजनीती कर रहे हैं।

पूजा के नाम पर पाखंड, बलि के नाम पर हत्या कांड

बलि प्रथा अपने प्रिये चीज को समाप्त करना है। अमुक पशुओं को हत्या नहीं ( राग द्वेष, मोह या मारा को समाप्त करना से है )<कर्म कांड के नाम पर हत्या कांड हो रहा हैं। ऐ सब temporary solution हैं

आप कहां और किसका पूजा करते हो?

? भगवान् = chatwak+ Akash=5 eliminate.....साहित्यिक प्रतीक ……? गुण…धर्म?... example, संत रविदास ( मन चेंगा तो कठोती में गंगा) कौन मानेगा,

1 महिषासुर ब्राह्मण था, उसका भाई ? घर के भेदी लंका ढाई, चलो गंगा नहाय, सब भैंस पानी में, कोई अनुशासन नहीं, No Decipline,

Eg कुंभ में कूद मारा ऐसे जगह क्यों जाना जहां No decipline

2 Ramayan में सिमुक कि हत्या,

3 महाभारत, में एकलव्य, कर्ण साथ भेद भाव, , लाखों लोगों को 18 दिन तक हत्या हुआ।

• राम ने Monkey(st) मन का प्रतीक है जो बस में कर के श्रीलंका जीत दर्ज की , इस लिए अपने मन का मालिक बनो!

1 Hinayana for Young people बौद्ध धर्म में आर्य जो पढ़े लिखे थे उनके लिए script था जो पढ़ कर बुद्ध की शिक्षा Buddha Teaching को समझ सकते थे, की Doesn’t exist god / stachu / warship / aatma = ब्रह्म = Energy it can’t Destroy only convert into one form to other by John Dalton

No imagination /Picture / Mantra = if you want to Do as Ass (गधा), it can Repit one word ; ( माला फ़ेरत दिन गया फिरा न मन का फेर, कर का मन का डरी दे कर का मन फेर )

पाखंड , कर्म कांड, ऐ सब ज्ञान के उच्चतम बिन्दु पर जाने से रोकता हैं

eg R K Paramhansa मुक्त by his guru Totapuri,

2 Mahayana For Old age:- जो माना किया गया था परन्तु सम्राट अशोक ने बौद्ध कि 4th संगीति में बना Mahayana For Old people अनार्य जो अनपढ़ थे उनके लिए मूर्ती stachu देख कर धर्म समझने के लिए बनाया गया था।

3 Bajaryana जादू टोना in tibat,

4 Nawyana by Dr B R Ambedkar.

5 Matri is the Future Relisan

 बौद्ध धर्म – आत्मामुक्ती के 3 चरण : शील, समाधि, प्रज्ञा, 4 Noble Truth ( तृष्णा से दुःख, कारण, निवारण, निवारण का सही रास्ता 8 Fold path

1. सम्यक दृष्टि – यथार्थ को देखना

2. सम्यक संकल्प – करुणा और अहिंसा का इरादा

3. सम्यक वाणी – सत्य और मधुर बोल

4. सम्यक कर्म – सही आचरण

5. सम्यक आजीविका – धर्मयुक्त जीवन यापन

6. सम्यक प्रयास – अच्छे विचारों की वृद्धि

7. सम्यक स्मृति – जागरूकता और आत्मनिरीक्षण

8. सम्यक समाधि – एकाग्रता और ध्यान

यह मार्ग हमें न केवल दुखों से मुक्ति देता है, बल्कि हमें एक बुद्धिमान, शांत और जागरूक मनुष्य भी बनाता है।

ध्यान, करुणा और ज्ञान – यही है बुद्ध का संदेश है) इस लिए

संत कबीर ( ना मैं मंदिर,, मस्जिद, काव्य कैलाश में खोजियों तो तूरते मिलीहों पल भर की तलाश में।)

दीक्षा भूमि :- नागपुर में 14 अक्टूबर 1956 को उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया – आत्मामुक्ती के मार्ग को ग्रहण किया, और 5 to 7 लाखों लोगों के साथ 22 प्रतिज्ञा लिऐ, बिना हिंसा के आत्मसम्मान का रास्ता दिखाया। और उन्होंने बौद्ध धर्म को न्याय, करुणा और ज्ञान का मार्ग बताया। इस मार्ग पर चलना आपका नैतिक धर्म है।

6. आज के युवाओं से अपील

आज हम मोबाइल, इंटरनेट और AI दुनिया में हैं – तो हमें अंबेडकर जी के विचारों को अपने जीवन में AI add करो, ज्ञान के मार्ग पर चलो।

समानता पुष्ट करें ( माध्यम मार्ग ), अति - अनीति नना करें।

अंधविश्वास और पाखड़ से दूर रहना No God , No warship, No Aatma, it all in circle to leave it. ( Appo dipo bhava)

संविधान का सम्मान करें, इससे पूर्वजों का सामान होगा।

हक एवं अधिकार के लिए सत्य, ज्ञान और एकता का रास्ता अपनाएं

हमें समाज में हर व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और अवसर दिलाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।

"मैं उस धर्म को जनता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।" – डॉ. अंबेडकर

 उनका जीवन – गुण (Character), धर्म (Righteousness) और कर्म (Action) पर आधारित था, और उनकी दृष्टि – एक समतामूलक भारत की कल्पना थी।

• गुण (Character): आत्मबल और न्यायप्रियता का प्रतीक

निडरता: {ब्राह्मणवाद = ब्रह् ( सुअर की तरह सुबह के समय loudspeaker से Sound polution करता हैं + मन} या फिर बड़ा हम बोल के नीच, लालच कर्म करता है, और सामाजिक पाखंड(आखन यज्ञ= पाखंड यज्ञ) को खुलेआम चुनौती दी।

करुणा: अपने लिए नहीं, पूरे समाज के लिए लड़े।

प्रेरक कथन: “मैं ऐसे धर्म को नहीं जानता जो मानवता को नीचा दिखाए।”

• धर्म (Righteousness): नैतिकता आधारित धर्म की स्थापना

उनका धर्म कर्म और न्याय पर आधारित था, न कि रीति-रिवाज पाखंड पर।

उन्होंने नवयान बौद्ध धर्म अपनाया– जिसमें जातिवाद नहीं, केवल समता है।

• कर्म:-“मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा से सब लोग दुःखी हैं परन्तु आप सामाजिक न्याय दे कर जीवन आसान कर सकते है, so that सबक्का मंगला हो।“

• Corruption नहीं करना अति और अनीति का अंत निश्चित है where, you want to go? स्वर्ग – नर्क आपके कर्म तय करेंगे। कोई भगवान या बाबा जी का टुलू नहीं ; Newton 3rd law

संत कबीर , सांय इतना दीजिये जाने कुटुम्ब समाय मैं भी भूखा न रहूं साधू न भूखे जाय।

• कर्म (Action): संविधान से क्रांति तक

 भारतीय संविधान निर्माता (1949)

अनुच्छेद 17: छुआछूत का उन्मूलन

अनुच्छेद 15(4), 16(4): आरक्षण व्यवस्था लागू

हिंदू कोड बिल: महिलाओं को संपत्ति और विवाह संबंधी अधिकार

शिक्षा का प्रचार: “शिक्षा वह शस्त्र है जिससे समाज बदला जा सकता है।”

• कानून और प्रमाण (Legal Shields): वंचितों के लिए न्यायिक संरचना

(A) अनुच्छेद 17 – छुआछूत का अंत अस्पृश्यता अपराध घोषित।

मंदिर, कुएँ, स्कूल, सार्वजनिक स्थानों पर दलितों का अधिकार सुनिश्चित।

(B) अनुच्छेद 15(4), 16(4) – आरक्षण और अवसर

शिक्षा, नौकरियों में विशेष अवसर SC/ST/OBC वर्गों के लिए।

© अनुच्छेद 46 – शिक्षा व आर्थिक उन्नति छात्रवृत्ति, छात्रावास, फ्री कोचिंग आदि योजनाएँ लागू।

(C) SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम 1989

जातिसूचक शब्द, अपमान, ज़मीन कब्ज़ा आदि गैर-जमानती अपराध।

€ अनुच्छेद 32 – संविधानिक उपचार “यह संविधान की आत्मा है” – सुप्रीम कोर्ट में सीधे याचिका का अधिकार।

• दूरदर्शी दृष्टिकोण (Vision): समतामूलक भारत का सपना

राजनीति + सामाजिक + आर्थिक न्याय – तीनों की एकता का सपना।

• शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, रोजगार – सबके लिए समान अवसर।

“राजनीतिक लोकतंत्र तब तक अधूरा है जब तक सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र नहीं आता।”

• आज की प्रेरणा (Relevance Today)

यदि हम शिक्षा, समानता, और मानवाधिकार की बात करते हैं, तो हम अंबेडकर के रास्ते पर चल रहे होते हैं।

उनका मंत्र आज भी मार्गदर्शन करता है:

 “शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित रहो।”

यदि संकल्प हो, तो परिवर्तन असंभव नहीं – अनिवार्य होता है। Buddh, dhamm, sangh ki

1. बुद्ध (Buddha)

अर्थ: वह जिसने ज्ञान प्राप्त किया है, जो जागृत है। मूर्छा न हो

संदेश: बुद्ध कोई देवता नहीं, बल्कि एक मानव हैं जिन्होंने आत्मज्ञान से मोक्ष पाया और दिखाया कि हर व्यक्ति बुद्ध बन सकता है।

2. धम्म (Dhamma / धर्म) सत्य का मार्ग।

संदेश: यह दुख से मुक्ति का विज्ञान है — जैसे कि चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग, करुणा, अहिंसा, और ध्यान।

3. संघ (Sangha)

अर्थ: बौद्ध अनुयायियों का समुदाय, विशेष रूप से वे जो ध्यान, सादगी और आत्म-अनुशासन का जीवन जीते हैं।

संदेश: संघ एक सहयोगी समाज है जो सत्य की राह पर चलने में हमारी मदद करता है। जैसे बुद्ध भिक्षु

अब आपको सेवा करना है बुद्ध के 10वी पारमिता (Dāna) से

1. दान कार के पुन्य कमाओ by दान पारमिता (Dāna) at least, Mentally सत्य बोल कर, physicaly श्रम दान कर, economically अपने समर्थ के अनुसार निःस्वार्थ भाव से आर्थिक दान दे कर। और ये सभी संप्रदाय में हैं।, I will Use to make In VRI Meditation Centre in jharkhand is 0/(it will for VRI World)

बिना किसी स्वार्थ के दान देना। यह लोभ और अहंकार को मिटाता है। बुद्ध के शिक्षा को प्रचार प्रसार एवं संविधान से हक अधिकार और सामाजिक समानता, जागृति अभियान हेतु income का कम से कम ₹5/Month दान कीजिए। It will use on Metta charity Care, To make VRI Meditation Centre in Jharkhand.

Link given in you tube channel, Metta charity Care @Vimalengg

विचार कीजिए I think now you think

 इस देश में सबसे ज्यादा शोषण दलित Sc,st,obc, का हुआ है। और ये बहु संख्यक है।

 भारत देश के लिए सबसे ज्यादा सेवा, त्याग करने वाला महामानव डॉ आंबेडकर आज सबको अधिकार मिल रहा हैं।

 विश्व के लिये सबसे ज्यादा सेवा, त्याग, दुःख से मुक्ती का मार्ग खोज कर दिया महापुरुष गौतम बुद्ध जिससे जन - जन का मंगल एवं कल्याण हो रहा हैं।

 इस लिऐ हमारे पूर्वजों को शत शत नमन जिन्होने तथागत मार्ग पर चाल कर सब लोग का मंगल किया है।

अब आप सब संकल्प ले

त्रिरत्नों का सार:

“मैं बुद्ध में शरण लेता हूँ,

मैं धम्म में शरण लेता हूँ,

मैं संघ में शरण लेता हूँ।“

Bonus tips To be practical at the moment, Don’t live in cloud it is an illustration.

Find the facts and data, Don’t believe in pet theory “ By Vimal noble

Jai Bhim, Namo Buddhay, Jai Bharat. Be happy 😊 By Vimal noble 7004564684


Sunday, 6 April 2025

RTI with contact us


वक्फ बोर्ड (2025) (संशोधन) विधेयक पारित मुख्य बातें

 वक्फ बोर्ड (2025) (संशोधन) विधेयक पारित

मुख्य बातें

1. विधेयक पारित:

संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को पारित कर दिया है।

लोकसभा में: 2 अप्रैल को 288 वोट से पास हुआ (232 विरोध में)।

राज्यसभा में: 3 अप्रैल को 128 वोट से पास हुआ (95 विरोध में)।

अब यह विधेयक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंज़ूरी के बाद कानून बन जाएगा।

2. महत्वपूर्ण संशोधन:

• धारा 40 को हटाया गया: पहले वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता था, अब यह अधिकार छीन लिया गया है। इससे ज़मीन पर अवैध दावे रोकने में मदद मिलेगी।

• केंद्रीय वक्फ परिषद में अब गैर-मुस्लिम सदस्य भी शामिल किए जाएंगे।

• सरकारी अफसर यह तय कर सकेंगे कि कौन सी संपत्ति वक्फ है और कौन सी नहीं।

3. समर्थन और विरोध:

• सरकार (BJP) का दावा है कि यह कानून भ्रष्टाचार कम करेगा और वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा।

• विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों का कहना है कि यह मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

• मौलाना संगठन ने इसे “ब्लैक लॉ” से भी खतरनाक बताया है।

• कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बोले कि इससे अल्पसंख्यकों को परेशानी होगी।

4. आलोचना का कारण:

कई वक्फ संपत्तियाँ जैसे मस्जिदें, मदरसे आदि ऐतिहासिक रूप से वक्फ हैं लेकिन उनके पास आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं हैं।

Note - नए कानून के कारण ऐसी संपत्तियाँ ज़ब्त की जा सकती हैं।

उदाहरण: कर्नाटक का हुबली ईदगाह मैदान विवाद (Hubli Idgah Maidan Dispute)

पृष्ठभूमि:

स्थान: हुबली, कर्नाटक

संपत्ति का दावा: वक्फ बोर्ड ने हुबली के ईदगाह मैदान को वक्फ संपत्ति घोषित किया था।

स्थानीय नगर निगम (HDMC) ने इसे सार्वजनिक मैदान माना और वक्फ दावे को अस्वीकार कर दिया।

यह मामला कई वर्षों तक न्यायालय में चला।

विवाद का कारण:

वक्फ बोर्ड ने कहा कि यह मैदान मुस्लिम समुदाय की नमाज़ और त्योहारों के लिए आरक्षित है।

नगर निगम और अन्य हिंदू संगठनों ने वहाँ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सार्वजनिक उपयोग की माँग की।

धारा 40 के अंतर्गत वक्फ बोर्ड ने एकतरफा दावा कर दिया था – यही प्रावधान अब 2025 के संशोधन में हटाया गया है।

न्यायालय का हस्तक्षेप:

कर्नाटक हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि यह मैदान नगर निगम की संपत्ति है, और सभी धर्मों के लोग इसका प्रयोग कर सकते हैं।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और लंबे समय तक सांप्रदायिक तनाव का कारण बना।

इस उदाहरण से सबक:

धारा 40 के रहते वक्फ बोर्ड बिना उचित दस्तावेज़ के किसी भी ज़मीन पर दावा कर सकता था।

यह संविधान में “संपत्ति का अधिकार” और लोक उपयोग की ज़मीनों के दुरुपयोग की आशंका पैदा करता था।

संशोधन विधेयक 2025 अब कहता है कि कोई भी संपत्ति वक्फ घोषित करने से पहले सरकारी जांच और प्रमाण अनिवार्य होंगे।

सरकारी अधिकारी ही अंतिम निर्णय देंगे – न कि केवल वक्फ बोर्ड।

1. उत्तर प्रदेश – अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी क्षेत्र विवाद

मामला:

विवाद: वक्फ बोर्ड ने AMU के आसपास की कई संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया था।

विरोध: स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने आरोप लगाया कि जनता उपयोग की भूमि को निजी धार्मिक संपत्ति घोषित किया जा रहा है।

प्रभाव: विकास योजनाएँ, सड़क निर्माण और सार्वजनिक पार्किंग अटक गईं।

साक्ष्य:

RTI और रजिस्ट्री दस्तावेज़ों में ज़मीन सरकारी रिकॉर्ड में थी, पर वक्फ बोर्ड के पास धारा 40 के तहत अधिसूचना थी।

2. महाराष्ट्र – औरंगाबाद वक्फ संपत्ति लीज घोटाला

मामला:

₹2,000 करोड़ की वक्फ संपत्ति को निजी बिल्डर्स को कौड़ियों के दाम पर लीज पर दे दिया गया।

वक्फ बोर्ड के अधिकारी और बिल्डर्स की मिलीभगत से धार्मिक संपत्ति का व्यावसायिक शोषण हुआ।

जांच:

Anti-Corruption Bureau (ACB) ने पाया कि कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं थी, और बोर्ड ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।

3. राजस्थान – जयपुर में वक्फ भूमि पर अवैध निर्माण

मामला:

जयपुर में सरकारी अस्पताल के पास की ज़मीन को वक्फ घोषित किया गया और उस पर अवैध दुकानों का निर्माण किया गया।

RTI से पता चला कि वो ज़मीन 1950 से नगर निगम की थी, पर 2004 में वक्फ घोषित कर दी गई।

नतीजा:

मामला कोर्ट में गया और 2021 में कोर्ट ने कहा कि वक्फ बोर्ड की घोषणा अमान्य है, क्योंकि कोई ऐतिहासिक या धार्मिक प्रमाण नहीं था।

4. कर्नाटक – बेलगाम जिले की ग्राम सभा भूमि पर दावा

मामला:

ग्राम पंचायत की चरागाह ज़मीन (गाय-चरने की ज़मीन) को वक्फ संपत्ति बताकर कब्ज़ा कर लिया गया।

गांववालों का विरोध हुआ क्योंकि इससे पशुपालन और कृषि प्रभावित हो रहा था।

जांच रिपोर्ट:

तहसील रिकॉर्ड में यह ज़मीन सरकारी थी, लेकिन वक्फ बोर्ड ने इसे नकली दस्तावेज़ के आधार पर अधिसूचित किया था।

निष्कर्ष(Why This Bill Matters):

इन सभी मामलों में वक्फ बोर्ड ने धारा 40 का दुरुपयोग करते हुए ज़मीन पर बिना पर्याप्त प्रमाण के दावा किया।

संशोधन 2025 के अनुसार:

वक्फ संपत्ति का दावा अब बिना सरकारी जाँच के नहीं हो सकेगा।

पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता की ज़मीनों की रक्षा हो सकेगी।

1. उत्तरदायित्व (Accountability)

पहले क्या था?

वक्फ बोर्ड एकतरफा निर्णय लेकर किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित कर देता था (Section 40)।

कोई जवाबदेही नहीं थी कि उन्होंने निर्णय कैसे और क्यों लिया।

संशोधन के बाद:

अब हर निर्णय की सरकारी जांच और रिपोर्ट जरूरी होगी।

वक्फ अधिकारी उत्तरदायी होंगे – यदि कोई अवैध कब्ज़ा या गलत निर्णय लिया तो जवाब देना पड़ेगा।

उदाहरण:

औरंगाबाद वक्फ लीज घोटाला में अब जैसे भ्रष्टाचार की घटनाओं के लिए अधिकारी सीधे कानूनी जिम्मेदार बन सकेंगे।

2. पारदर्शिता (Transparency)

पहले क्या था?

वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड पब्लिक नहीं था, न ही लीज, किराया, या उपयोग का विवरण।

संशोधन के बाद:

सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन, सार्वजनिक रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल बनाए जाएंगे।

कोई भी नागरिक देख सकेगा:

किस ज़मीन को वक्फ घोषित किया गया

कैसे, कब और क्यों?

कौन उसका उपयोग कर रहा है?

उदाहरण:

जयपुर अवैध निर्माण केस में यदि डेटा पारदर्शी होता, तो जनता और कोर्ट को पहले ही जानकारी मिल जाती।

3. अधिकार (Rights)

संविधान के अनुसार सभी नागरिकों के अधिकार:

Right to Property (Article 300A)

Right to Equality (Article 14)

Right to Religious Freedom (Article 25-28)

विधेयक क्या करता है?

गैर-मुस्लिम और आम नागरिकों को भी वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में अपना पक्ष रखने का अधिकार देता है।

वक्फ बोर्ड अब अन्य नागरिकों के अधिकारों को कुचल नहीं सकता।

उदाहरण:

कर्नाटक ग्राम पंचायत चरागाह ज़मीन – अब गांववालों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।

4. हकदारी (Entitlement)

पहले क्या था?

बहुत सी वक्फ संपत्तियाँ गरीब मुसलमानों की मदद के लिए बनी थीं, लेकिन फायदा केवल ताकतवरों को मिला।

संशोधन के बाद:

वक्फ संपत्तियों का लाभ गरीब, ज़रूरतमंद और समुदाय विकास के लिए सुनिश्चित किया जाएगा।

लीज, किराया, संपत्ति उपयोग की जानकारी सार्वजनिक होगी, ताकि किसी का हक न छीना जाए।

उदाहरण:

औरंगाबाद बिल्डर लीज केस – अब ऐसी लीज के लिए पब्लिक बिडिंग अनिवार्य की जा सकती है।

समग्र निष्कर्ष (Total Impact):

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा।

1. मुख्य संशोधन (Key Amendments)

2. चार स्तंभ – सुधार का आधार (4 Pillars of Reform)

(1) उत्तरदायित्व

(Accountability)

अब हर निर्णय के लिए सरकारी जांच अनिवार्य होगी।

अधिकारी अवैध कब्ज़ा या निर्णय के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी होंगे।

उदाहरण: औरंगाबाद वक्फ लीज घोटाले में अब अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई संभव।

(2) पारदर्शिता (Transparency):

सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जाएगा।

सार्वजनिक पोर्टल पर उपयोग, किराया, लीज आदि की जानकारी उपलब्ध होगी।

उदाहरण: जयपुर मामले में RTI से ही सच्चाई सामने आई थी, अब डेटा पहले से सार्वजनिक होगा।

(3) अधिकार (Rights):

अब गैर-मुस्लिम नागरिक भी कानूनी प्रक्रिया में अपनी बात रख सकेंगे।

संविधान के अनुच्छेद 14, 25-28 और 300A की रक्षा होगी।

उदाहरण: चरागाह ज़मीन वाले गाँव अब वाजिब विरोध दर्ज कर सकेंगे।

(4) हकदारी (Entitlement):

संपत्तियों का लाभ वंचित मुस्लिम समुदाय को मिलेगा।

लीज, किराया और लाभ की सार्वजनिक निगरानी होगी।

उदाहरण: औरंगाबाद जैसे मामलों में सार्वजनिक बोली अनिवार्य की जा सकती है।

3. उदाहरण (Case Studies)

A. कर्नाटक – हुबली ईदगाह विवाद

वक्फ बोर्ड ने मैदान को वक्फ घोषित किया, नगर निगम ने विरोध किया।

कोर्ट ने संपत्ति को सार्वजनिक घोषित किया।

B. उत्तर प्रदेश – AMU क्षेत्र विवाद

वक्फ बोर्ड ने कई संपत्तियों पर दावा किया, RTI से ज़मीन सरकारी निकली।

C. महाराष्ट्र – वक्फ लीज घोटाला

2000 करोड़ की वक्फ संपत्ति बिल्डरों को सस्ते में दी गई।

ACB ने भ्रष्टाचार उजागर किया।

D. राजस्थान – जयपुर अवैध निर्माण

1950 से सरकारी ज़मीन 2004 में वक्फ घोषित कर दी गई थी। कोर्ट ने अमान्य घोषित किया।

E. कर्नाटक – बेलगाम चरागाह भूमि

पशुपालन की ज़मीन पर कब्ज़ा, जांच में वक्फ दावा फर्जी निकला।

4. राज्यवार वक्फ संपत्ति डाटा (State-wise Summary)

5. निष्कर्ष (Conclusion):

संशोधन 2025 वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, न्याय और संतुलन की दिशा में एक कदम है।

यह कानून न केवल गैर-कानूनी कब्ज़ों को रोकेगा बल्कि समुदायों के बीच न्याय का वातावरण बनाएगा।

सरकारी जांच, डिजिटल रिकॉर्ड और नागरिक सहभागिता से वक्फ प्रबंधन में सुधार होगा।

English Summary: The Waqf (Amendment) Bill 2025 removes arbitrary power of Waqf Boards to declare properties, ensures government verification, public accountability, and equal rights. It introduces transparency, includes non-Muslim members in Waqf councils, and aims to stop encroachments and misuse of public land. Real-world case studies highlight the misuse of Section 40, which is now repealed. Citizens now have more rights and protections.


Sunday, 16 February 2025

Buddha Meditation Remain impermanent happiness life

 Buddha Teaching Vipasana Meditation

“Every living being and everything that exists is in search of happiness.”

हर जीव या हर चीज़ जो अस्तित्व में है, खुशी की तलाश में रहती है।

(लुलुपता, जो अच्छा लगता है , घृणा, बुरा, क्रोध और आसक्ति जो भ्रम है ऐ सब दुःख का कारण है)

“Buddha’s path is the path of practice; the one who practices it regularly will own the path.” “बुद्ध का मार्ग अभ्यास का मार्ग है; जो इसका नियमित अभ्यास करेगा, मार्ग उसी का होगा।“



1st Four Noble Truths:

1. Problem (Dukkha – Suffering): Life is full of suffering and dissatisfaction.

2. Cause (Samudaya – Cause of Suffering): The root cause of suffering is craving (desires and attachments).

3. Solution (Nirodha – End of Suffering): Suffering can end by letting go of cravings and attachments.

4. The Right Path to the Solution (Magga – Path to Liberation): Following the Eightfold Path leads to the cessation of suffering and enlightenment.

1st चार आर्य सत्य:

1. समस्या (दुःख – पीड़ा): जीवन दुःख और असंतोष से भरा है।

2. कारण (समुदय – दुःख का कारण): दुःख का मूल कारण तृष्णा (इच्छाएं और आसक्ति) है।

3. निवारण (निरोध – दुःख का अंत): तृष्णा और आसक्ति का त्याग करने से दुःख का अंत संभव है।

4. निवारण का सही मार्ग (मार्ग – मुक्ति का पथ): अष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करने से दुःख का निवारण और मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।

2nd. Three Stages of Self-Liberation:

1. Śīla (Morality) – Observance of ethics and righteousness

Buddha’s Five Precepts (Panchsheel):

In Buddhism, the Five Precepts are the fundamental moral guidelines that practitioners should follow:

1. Do not steal (Asteya) – Refrain from taking what is not given.

2. Do not lie (Satya-vadita) – Avoid false speech, harsh words, and deceptive language.

3. Avoid intoxicants (Alcohol and Drugs) – Refrain from consuming substances that impair consciousness.

4. Refrain from sexual misconduct (Brahmacharya) – Practice self-discipline and moral conduct.

5. Do not kill (Ahimsa) – Do not harm or take the life of any living being.

These Five Precepts form the foundation of morality (Śīla) and are essential for self-purification and spiritual progress

बुद्ध का पंचशील (Five Precepts of Buddhism):

बौद्ध धर्म में पंचशील नैतिक जीवन के पाँच मुख्य नियम हैं, जिनका पालन साधकों को करना चाहिए:

6. चोरी न करना (अस्तेय) – जो नहीं दिया गया है, उसे न लेना।

7. असत्य न बोलना (सत्यवादिता) – झूठ, कटु वचन और अपमानजनक भाषा से बचना।

8. नशे से दूर रहना (मदिरा और मादक पदार्थ से परहेज) – किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन न करना, जिससे चेतना भ्रष्ट हो।

9. असंयमित कामवासना से बचना (ब्रह्मचर्य) – शील और संयम का पालन करना।

10. प्राणी हत्या से बचना (अहिंसा) – किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना।

2. Samādhi (Concentration) – Meditation and mental focus

3. Prajñā (Wisdom) – Realization of truth and attainment of knowledge

These are essential for self-liberation (Nirvana) in Buddhism.

By following moral disciplines, meditation practice will improve, and through meditation practice, wisdom will be attained.

आत्म मुक्ति के तीन चरण:

1. शील (Morality) – सदाचार और नैतिकता का पालन

2. समाधि (Concentration) – ध्यान और मानसिक एकाग्रता

3. प्रज्ञा (Wisdom) – सत्य और ज्ञान की प्राप्ति

यह बुद्ध धर्म में आत्म मुक्ति (निर्वाण) के लिए आवश्यक हैं।

नैतिक अनुशासन का पालन करने से ध्यान साधना में वृद्धि होगी, और ध्यान साधना से ज्ञान की प्राप्ति होगी।“

2nd The Eightfold Path in Buddhism, taught by the Buddha, is a guide to end suffering and attain enlightenment. It consists of:

1. Right View (सम्यक दृष्टि) – Understanding the Four Noble Truths

2. Right Intention (सम्यक संकल्प) – Developing good intentions and thoughts

3. Right Speech (सम्यक वाणी) – Speaking truthfully and kindly

4. Right Action (सम्यक कर्म) – Acting ethically and non-harmfully

5. Right Livelihood (सम्यक आजीविका) – Earning a living in a righteous way

6. Right Effort (सम्यक प्रयास) – Cultivating positive states of mind

7. Right Mindfulness (सम्यक स्मृति) – Being fully aware of thoughts, actions, and surroundings

8. Right Concentration (सम्यक समाधि) – Deep meditation leading to wisdom

Note :- {Good (+), Bad (-) and attachments is a Mirage or ephemeral as Infinite (∞) to be Remain in Equanimity = need to know Impermanent happiness. (राग, द्वेष और मोह ) = समभाव}

Bonus tip:- (राग, लुलुपता, जो अच्छा लगता है , द्वेष, घृणा, क्रोध, बुरा लगता है और मोह आपका भ्रम, है आसक्ति, है और जोश से भयंकर अग्नी नहीं, जो अशांति से जलाएगी, ऐ सब दुःख का कारण है )

Be Happy

By Vimal noble

A Brief Biography of Gautam Buddha (With Examples and Evidence)


Preparation to Become a Buddha (Past Life Stories)


Before becoming a Buddha, Gautam Buddha accumulated virtues over several lifetimes. According to Jataka tales, in one of his past lives, he was an ascetic named Sumedha, who received a blessing from Buddha Dipankara that he would become a Buddha in the future.


Example:


Story of Sumedha the Ascetic – When Dipankara Buddha was passing through a city, Sumedha prepared a path for him and took a vow to become a Buddha himself one day.



Evidence:


Mentioned in Jataka tales, especially in the Nidana Kathanaka (Introductory section of the Jataka).



Birth and Renunciation (Detachment from Worldly Life)


Gautam Buddha was born in 624 BCE in Lumbini (Nepal). His father, King Shuddhodana, kept him in luxury to prevent him from witnessing suffering. However, one day, he encountered four sights:


1. An old man (Aging)



2. A sick man (Illness)



3. A dead man (Death)



4. An ascetic (Renunciation and peace)




Example:


Upon witnessing these four sights, Siddhartha realized the impermanence of worldly life.



Evidence:


Described in Ashvaghosha's "Buddhacharita."



Quest for Truth (Struggle for Enlightenment)


At the age of 29, he renounced his royal life in search of ultimate truth. He studied under many teachers but found no satisfactory answers. Eventually, he undertook severe austerities in Uruvela (present-day Bodh Gaya).


Example:


Buddha survived on a single grain of food for six years, weakening his body severely.


Realizing that extreme asceticism was not the right path, he adopted the Middle Path (Madhyam Marg).



Evidence:


His struggles are documented in Buddhacharita and Lalitavistara Sutra.



Enlightenment (Proof of Attaining Knowledge)


While meditating under a Peepal tree in Bodh Gaya, after 49 days, he attained enlightenment and became the Buddha.


Example:


During meditation, he overcame Mara (symbol of illusion and temptation).


He then realized the Four Noble Truths and the Eightfold Path.



Evidence:


This event is recorded in Mahavagga (Vinaya Pitaka) and Samyutta Nikaya (Sutta Pitaka).


Today, this place is marked as the Mahabodhi Temple in Bodh Gaya.



Conclusion


Gautam Buddha's life was a journey of struggle, showing that true wisdom can only be attained through renunciation and self-reflection. His teachings are still st

udied worldwide and remain relevant in a scientific and philosophical context.


गौतम बुद्ध का संक्षिप्त जीवन परिचय (उदाहरण व प्रमाण सहित)


बुद्ध बनने की तैयारी (पूर्व जन्म की कथाएँ)


बुद्ध बनने से पहले, गौतम बुद्ध ने अनेकों जन्मों में पुण्य संचित किए। जाटक कथाओं में कहा गया है कि उन्होंने एक जन्म में सुमेधा नामक तपस्वी के रूप में बुद्ध दीपंकर से आशीर्वाद लिया था कि वे भविष्य में बुद्ध बनेंगे।


उदाहरण:


सुमेधा तपस्वी की कथा – जब दीपंकर बुद्ध एक नगर से गुजर रहे थे, सुमेधा ने उनके लिए मार्ग बनाया और प्रण लिया कि वे भी एक दिन बुद्ध बनेंगे।


सबूत: जाटक कथाएँ, विशेषकर निदान कथानक में इस घटना का उल्लेख मिलता है।



जन्म और वैराग्य (सांसारिक मोह से मुक्ति)


गौतम बुद्ध का जन्म 624 ईसा पूर्व लुंबिनी (नेपाल) में हुआ था। पिता शुद्धोधन ने उन्हें विलासिता में रखा ताकि वे कभी दुःख न देखें। लेकिन एक दिन उन्होंने चार दृश्य देखे:


1. वृद्ध व्यक्ति (बुढ़ापा)

2. बीमार व्यक्ति (रोग)

3. मृत व्यक्ति (मृत्यु)

4. संन्यासी (त्याग और शांति)

उदाहरण:

जब सिद्धार्थ ने ये चार दृश्य देखे, तो उन्हें संसार की नश्वरता का अहसास हुआ।

सबूत: अश्वघोष की "बुद्धचरित" में इन घटनाओं का विस्तृत वर्णन है।

सत्य की खोज (तपस्या और ज्ञान प्राप्ति का संघर्ष)

29 वर्ष की उम्र में, उन्होंने गृहत्याग किया और आत्मज्ञान की खोज में निकल पड़े। उन्होंने कई गुरुओं से शिक्षा ली, किंतु समाधान न मिला। अंत में, उरुवेला (वर्तमान बोधगया) में कठोर तपस्या की।

उदाहरण:

बुद्ध ने छह वर्षों तक केवल एक दाने पर निर्वाह किया, जिससे उनका शरीर अत्यधिक दुर्बल हो गया।

जब उन्हें लगा कि यह मार्ग सही नहीं है, तो उन्होंने मध्यम मार्ग (Middle Path) अपनाया।

सबूत:

बुद्धचरित और ललितविस्तर सूत्र में उनके तपस्या के संघर्षों का वर्णन मिलता है।

बोधि प्राप्ति (ज्ञान प्राप्ति का प्रमाण)

बोधगया में एक पीपल वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए, 49 दिनों के बाद उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया और बुद्ध बन गए।

उदाहरण:

इस ध्यान के दौरान, उन्होंने मार (माया/मोह का प्रतीक) के सभी प्रलोभनों को पराजित किया।

फिर उन्होंने चार आर्य सत्य और आष्टांगिक मार्ग का ज्ञान प्राप्त किया।

सबूत:

यह घटना महावग्ग (विनय पिटक) और संयुक्त निकाय (सुत्त पिटक) में वर्णित है।

आज भी बोधगया में यह स्थान "महाबोधि मंदिर" के रूप में स्थित है।

सारांश

गौतम बुद्ध का जीवन एक संघर्षपूर्ण यात्रा है जो दर्शाता है कि सच्चे ज्ञान की प्राप्ति केवल त्याग और आत्मचिंतन से संभव है। उनके विचार और शिक्षाएँ आज भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मान्य हैं और पूरे विश्व में अध्ययन की जाती हैं।

NOTE:- (4) Four Noble Truth+ (8)eight fold Path + 10 parmitayen = 22 wovs प्रतिज्ञा Taken by Dr B R Ambedkar without bloodshed at Nagpur Maharashtra. 

Wednesday, 12 February 2025

Hope of Ray Slogans

 कविता

अंधकार से प्रकाश की ओर

मुर्ख के दिहो ज्ञान, धरीहो टोटा लिहो प्राण

भैंस के आगे बिन बजाय, भैंसी तो समझ ना पाए

ज्योही चरवाहा लाठी उठाय, भैंसिया जाये कुम्भ नहाय

कहे संत रविदास, मन चंगा तो, कठोती में गंगा

पाखंडी का लेप लगाय, काली भैंसी सफेद ना होए

अधजल गगरी छलकत जाय, गंगा नहाय अबोध बेचारा

बुद्धू तो समझ ना पाय, कैसे भर गया पाप घड़ा का

कहे कबीर वाह रे पापी,

आप ही करता पाप, आपही मानता माफ़ी।

माला फेरत जुग भया, फिरा ना मन का फेर,

पहन लियो माला चार, अब ओर हो गया फेरा

कर का मनका डार दे, फिर हिमालय में करें डेरा

करे मोह-माया से आँखे चार राग-द्वेष से मुक्ति ना पाये

जो चाहे मुक्ती का मार्ग, बुध, धम्म और संघ में जाए

बुध का अष्टांग मार्ग, पाखंडियो का रास न आवे ।

जो करे नियमित अभ्यास, शुद्ध होके बुद्ध बन जाए ।

 बुद्ध कहते हैं

अन्त हुआ अंधेरा अधर्म का, बिती काली रात

हुआ सबेरा धर्म का, सबक्का मंगला हो…

आपो दीपो भाव: 

किसी को न खोजना, निर्जन राह से अंतिम लक्ष्य तक पहुंचने में अकेले ही चलना पड़ता हैं।


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