अल्लाह मेहरबान तो गधा (पहलगाम)”
1. पहाड़ों में गधों का आतंक और धर्म का धंधा
पहाड़ों में पाकिस्तानी गधा सबसे ज्यादा उपयोगी रहा है।
यह एक ही नाम का जाप करता है — ढेंचू-ढेंचू, इसलिए गधा है।
जो लोग धर्म के नाम पर धंधा करते हैं, वे भी गधा और अधा हैं।
इसे कौन समझाए? सब मानव हैं।
न तेरा, न मेरा — जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु भी निश्चित है।
तुम राग-द्वेष से भरे, मुर्छित हत्यारे गधे हो!
2. पाकिस्तान = पापिस्तान
पाकिस्तान यानी पापिस्तान —
खाली मन शैतान का घर बन जाता है।
पर्दे के पीछे छुपकर मुँह काला करते हैं।
बुर्का पहनकर मुँह छुपाते हैं, लेकिन माँ-बहनों और बेटियों के साथ शोषण, व्यभिचार, पाप कर्म, और हत्या करते हैं। स्त्रियों को ‘वस्तु’ समझते हैं। ऐसे हैं पापिस्तानी
3. राजनीति और धर्म का नाटक
राजनीति क्या है?
सत्ता का पंखुड़ी खेल, राजनीति हैं— एक दिखावा मात्र।
माथे पर मोटे-मोटे चुना (तिलक) का लेप लगाकर
जनता को चूना लगाना ही आज का “धर्म” है।
भारत में “जय श्रीराम” का नारा और विदेशों में “बुद्ध” की बातें करते हैं।
यह सब सत्ता के लिए खेला जाता है।
4. जनता की स्थिति
90% जनता — कुछ नहीं जानती हैं।
8% जनता — जानती है कि “मोदी है तो नमकीन है।“
2% अधिकारी जनता — जानती है कि “मोदी है तो मोदक है।“
5. कूटनीति और धार्मिक व्यापार
कूटनीति = फूट डालो, शासन करो।
धर्म के नाम पर धंधा करो।
भगवान का डर दिखाकर अपना काम बनाओ।
जनता भाड़ में जाए,
पाखंडी, कुंभ में जाकर गंगा नहाए गा,
लेकिन जब मन चंगा हो जाएगा तो कठौती में भी गंगा दिखेगी!
6. समस्या का समाधान और सच्चाई
90% लोग फ्री एजुकेशन और नौकरी चाहते हैं,
लेकिन सरकार ऐसा करेगी तो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना जैसा है सरकार जानती हैं
अगर जनता जागरूक हो गई तो जान जाएगी —
कितनी (100) चूहियाँ खाकर ? बिल्ली चली हज को!
अंत में:
धन्यवाद।
आप सभी का मंगल हो।
No comments:
Post a Comment