Vipassana Meditation it means बिना प्रतिक्रिया के “विशेष
रूप से देखना “Look as it is into Yourself ”
to be in Equanimity
It is too simple Right Path yet (1/112) Logical
Practical Physiological Experiment Based compassion of
love.
I am Vimal, old student of Vipassana Meditation Path ( Dhamm ) या माध्यम मार्ग = Only equanimity. No,Not,Never
+/- or ×
Go for Registration (www.dhamma.org )
Vipasana
Dhamm was Exist in 25,000 BC years
old Meditation Technique you can see in (IVC) ndus valley civilisation सनातन = आदी से अंत तक और अब तक Pure as it is National dhamm
(Path) e.g. Air, water, earth, and fire’s Quality & it’s effect as it is
yet, Natur’s Language Action cause and effect as well as Punishment by Nature
you can see the Result of it, to know exact
Problem, it’s cause and effect on you. Right path for the Solution by self अप द्वीपों भाव
The Great and Top Teacher of Vipasana
Received Discovered by Scientist or Prince sidharth gautam budhha.
Universal Principal Teacher S N Goenka Ji ( बूढ़ा बाबा )
About My Assistant Teacher yet
1.
Ashok Talpade in Patli putta.
On 11/11/2018 (Understand, Truth, Anicca, self Purification)
2 Mofidur Rahman at Dhammbaga on 12/03/2025 to 23/03/25, (Action
and effect Shankhara)
3. Dayaram Arun at Patli putta Patna junction 03/08/25to
14/08/25.(Compassion of love)
Be happy for All
Room
बुद्ध स्मृति पार्क पटना जंक्शन
AIM:- इस से दुःखी लोगों का दुःख दूर होगा। मन को बस करना सीखेंगे, चित्त निर्मल करने में लाभ होगा और करुणा ethics में Development होगी, Art of living जीवन जीने कि कला सीखेंगे यह Righ Path है । इससे सबका मंगल होगा,
बड़ी कल्याणकारी विध्या है।
→ शील → समाधि → प्रज्ञा → अनिच्चा का प्रत्यक्ष दर्शन → समता → तृष्णा/द्वेष का क्षय → चित्त की निर्मलता
1. प्रवेश की मूल शर्त
साधक
जीवित, संवेदनशील और इतना स्वस्थ हो कि शरीर की संवेदनाओं को ध्यानपूर्वक अनुभव कर
सके। सभी के लिए मूल साधना समान है—जाति, धर्म, लिंग, सामाजिक स्थिति आदि के आधार
पर कोई भेदभाव नहीं।
2. 10-दिवसीय अधिष्ठान है ऐसा समझे पूर्णकरना
आतीअवश्यक है
10-day course को गंभीरता से लेकर पूरा करना साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सामान्यतः course के दौरान बीच में घर
जाने या course छोड़ने के बजाय
निर्धारित कार्य क्रम पूरा करने पर जोर दिया जाता है। ताकि अधिक से अधिक
लाभ प्राप्त करें।
3. आर्य मौन / Noble Silence
साधना
के दौरान वाणी से, अनावश्यक संकेत, सामाजिक संपर्क और बाहरी गतिविधियों को
रोककर मन को भीतर की ओर देखने का पूर्ण अवसर दिया जाता है। जैसे “ storm water स्थिर होता है, तब तल दिखाई देने लगता है।”
विपश्यना
में विचारों or संवेदना
को as
it is देखकर प्रतिक्रिया न करने का अभ्यास होता है।
4. दान-आधारित व्यवस्था
भोजन,
निवास, शिक्षण और साधना की सुविधाएँ परंपरागत रूप से पुराने विद्यार्थियों के दान
से संचालित होती हैं। इसका उद्देश्य साधना को व्यापारिक लेन-देन से अलग रखना है।
Very important
things as it is as oxygen for live
5. पंचशील का पालन करना साधना मूलआधार
(Foundation)
10
दिनों में पंचशील साधना की नैतिक आधारभूमि है:
o प्राणीहत्या से
विरत रहना
o चोरी से विरत रहना
o कामाचार से विरत
रहना
o असत्य वचन से विरत
रहना
o मादक पदार्थों से
विरत रहना
O₂ जैसी आवश्यक नैतिक
आधारभूमि” ।
6. अधिष्ठान
निर्धारित
बैठकों में शरीर को यथासंभव स्थिर
रखते हुए alertness + equanimity + anicca का अभ्यास किया जाता है। सुखद या दुखद संवेदना पर राग-द्वेष के बिना निरीक्षण करना है।
7. दैनिक अनुशासन
लगभग 4:30 AM से 9:30 PM तक साधना, विश्राम, भोजन और शिक्षण के निर्धारित कार्यक्रम में
चलता है। अंतिम समय का discourse, दिन में किए गए (कार्य) practical work को at the end confusion clear किया जाता है।
8. Theory + Practical + Discourse
दिन
में शरीर और संवेदनाओं पर प्रत्यक्ष अभ्यास → रात में explanation/discourse → अगले दिन पुनः practical
application
यही
इसकी विशेषता है: सिर्फ पढ़ना नहीं, स्वयं
देखना।
9. (A) मेरा अनुभव और आचार्य का True सिद्धांत है। “कुछ बातें पुस्तक पढ़ने या किसी के
कहने से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव से और घटना के साथ समझ में आती हैं।” therefore Don’t Worry , carryon
persistently, Practice Make a Man
perfect, भंग-वान उसी को मदद करता है जो अपने
आप को मदद करता है।, Be sure it’s Pure Path.
10. (B) E.g. मेरा व्यक्तिगत
अनुभव संवेदनाएँ और Anicca का है। जैसे
हाथ
की हथेली या पैर के तलवे से विशेष प्रकार की किसी भी अनुभूति fragrance/aroma जैसे meditation के दौरान experiences किया हैं। उन्हें हम लक्ष्य या उपलब्धि
नहीं मानते। इसलिए अनुभूति आए या जाय → दृष्टा भाव से देखें → craving न करें → attachment न करें → Anicca देखें → equanimity रखें। This is the universal Rules
11. भय और कठिनाई:
नए
साधकों के लिए शुरुआती दिनों में शारीरिक असुविधा, मानसिक बेचैनी, भय या तीव्र
संवेदनाएँ आ सकती हैं। जैसे सर दर्द, उल्टी, दर्द - बुखार हो सकता इसलिए कठिन अनुभव को
“असफलता” न माने, आचार्य
से guidance लेना उचित है। सब ठीक हो जाता है।
प्रतिक्रिया
के तीन स्तर
1.
प्रतिक्रिया (Reaction /
Paṭikiriya)
संवेदना
→ पसंद/नापसंद → राग/द्वेष → प्रतिक्रिया को देखना है। आपको
कुछ भी नहीं करना है you only just like watchman, look as it is, ups and downs
2.
दमन (Suppression)
संवेदना
→ उसे दबाने या भागने
का प्रयास ना
करें if you act or Reaction on it,
it will Provide compound Pawrfull effect than you, you can’t win it, if you
want to win then don’t reaction only Acept it, as it is in quantity → भीतर संघर्ष ना करें
3.
दर्शन (Observation /
Vipassana)
संवेदना
→ उसे जैसा है वैसा
देखना → Anicca
→ craving/aversion को न बढ़ाना → Equanimity
Formula (केंद्रीय सूत्र):
“संवेदना बदलती है;
प्रतिक्रिया को देखो, उससे चिपको मत।”
×
तृष्णा–द्वेष–मोह का एकीकरण ×
×
संवेदना → मूल्यांकन → तृष्णा/द्वेष → संस्कार (Saṅkhāra) → पुनः प्रतिक्रिया Break the cycle ×
✓ विपश्यना का
अभ्यास:
✓
संवेदना → सजगता → अनिच्चा का दर्शन → समता → नया संस्कार न बनाना → पुराने संस्कारों का क्षय ✓
यही
मेरा पूरे lesson का सबसे मजबूत conceptual core है।✓
आपका
अंतिम संदेश
विपश्यना
कोई blind faith नहीं, बल्कि “Come and See” प्रकार की experiential practice के रूप में शरीर की अनुभूति,
बुद्धि के विवेक और करुणा/नैतिकता की कसौटी पर स्वयं जाँचने का दृष्टिकोण हैं। इसलिए
कहा गया है अप द्वीपों भाव।
lesson के concluding statement के रूप में :
“विपश्यना
शुद्ध गंगाजल के समान है— जो स्वयं पीता है, वह उसका अनुभव करता है; आनापान से मन का मालिक बन जाता है।
और
जो
उसमें साधना की डुबकी लगाता है, विपश्यना से वह अपने चित्त को निर्मल
करता
है, यह जीवन जीने की कला है।
Last day is
METTA
Day at end { North, East, West, south as 4 lion of Ashok Paler,
and
(दस
दिशायें मोदीता हो जाता हैं। You will be Like Fragrant flower 🌹 🌺 🌺 🌺 🌹 you can see the happiness of
the day }
Definitely
Fill Very Happy 😊 😊 😊 😊 😊 और आप कहेंगे सबका मंगल हो।
Result you
know that
गौतम
से बुद्ध हो गये, सम्राट अशोक, एवं 999
लोग का हत्यारा अंगुलिमाल डाकू अहिंसक, मिलारेपा
संत, वैशाली कि नगर वधू आम्रपाली कामाचार से विरत, अजातशत्रु पिता के हत्यारा जैसे♾️आशंख्या लोगों अरिहांत हो गये
तो आप कियो नहीं। सही पथ पर कदम - कदम चल कर रास्ता पूर्ण करो तथागत
कि तरहा।
king Ahok
piller ( महेंद्र & सुमित्रा)
विपश्यना
बुद्ध कि करुणा है। बुद्ध कहते हैं, धमाकों एहि पष्यईको ,(आओ चलकर स्वयं देखों
तो सही ) किसी के कहने से, दार्शनिक
मान्यता से,
पुस्तक, संत के कहने से मत
मानो, आप देखो और जानो, जैसे सत्य मेव जयते , all needed things has
been Organising by old students according to teacher student tradition ( गुरू शिष्य परंपरा )
Thank you By
Vimal
धम्म सेवक, सेवा = सम भाव से करते
हैं।, निस्वार्थ भाव, बिना राग द्वेष के सब सेवा करते है। ताकि अधिक से
अधिक साधक को लाभ हो, कल्याण हो, भला हो
वही उनका पुण्य पारमी है। अब की
बारी है आप भी उन पर करुणा का भाव रखो। ताकि उनका भी कल्याण हो।
Now Let’s Go to see your self for 10 days, to Know law of Universal
Law of Nature, there is well weather, environment and conditions to grow up
seed Automatically of farmer’s (farmer Protect it only like watchman),
I am waiting for your feedback ?
Last Last but not least
To Be Continue